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Poems


Rendezvous
A poignant ode about watching a stranger, yearning for connection, but stuck in eternal silence. Why and how? Read the poet’s thoughts here.
May 251 min read


कर्मपथ
कर्मपथ पर चलने वाले व्यक्ति के आत्मसंघर्ष, तिरस्कार और आत्ममंथन को अभिव्यक्त करती हुई ये कविता है “कर्मपथ”। अपनों की चुनौती, व्यंग्य और संदेह के बीच आत्मनिर्माण का संकल्प लेता हुआ कवि क्या कहना चाहता है? पढ़िए इस कविता में! यह रचना साहस, निरंतर प्रयास और निर्णायक संघर्ष की प्रेरक घोषणा है।
Feb 251 min read


Inner Void
This poem delves into the struggles of self-doubt, creative exhaustion, and the feeling of being lost in a relentless world. It is a testament to the enduring human spirit.
Mar 30, 20251 min read


प्यास
हम सबके भीतर प्यास है, संवेदना की। दूसरों की भावना से जुड़ पाना, महसूस कर पाना हम सब को भरोसे से जोड़े रखता है। तोड़ देना आसान है, पर जोड़ के मरहम लगा पाना हर किसी को नहीं आता। ये कविता सहानुभूति, संवेदना और शांति की है, भाव और त्याग से जो हमें इंसानियत से जोड़े रखती है।
Mar 28, 20241 min read
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