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अस्तित्व
दुनियां की मलीनता में, अपना अस्तित्व पवित्र रखना सबसे बड़ी लड़ाई है। युद्घ की परिस्थितियों के बीच मानवता को दर्शाती यह कविता, प्रेम, सहानुभूति और अस्तित्व की रक्षा की है।
Jul 251 min read


कर्मपथ
कर्मपथ पर चलने वाले व्यक्ति के आत्मसंघर्ष, तिरस्कार और आत्ममंथन को अभिव्यक्त करती हुई ये कविता है “कर्मपथ”। अपनों की चुनौती, व्यंग्य और संदेह के बीच आत्मनिर्माण का संकल्प लेता हुआ कवि क्या कहना चाहता है? पढ़िए इस कविता में! यह रचना साहस, निरंतर प्रयास और निर्णायक संघर्ष की प्रेरक घोषणा है।
Feb 251 min read


प्यास
हम सबके भीतर प्यास है, संवेदना की। दूसरों की भावना से जुड़ पाना, महसूस कर पाना हम सब को भरोसे से जोड़े रखता है। तोड़ देना आसान है, पर जोड़ के मरहम लगा पाना हर किसी को नहीं आता। ये कविता सहानुभूति, संवेदना और शांति की है, भाव और त्याग से जो हमें इंसानियत से जोड़े रखती है।
Mar 28, 20241 min read


घर
स्त्री जीवन के स्वरूपों में सबसे खूबसूरत पहलू है जब वो मन से किसी से बंध जाए। ये बंधन, स्वयं वो भी नहीं तोड़ सकती। प्रेम में सिर्फ समर्पण है, एक अटूट विश्वास की ओर। उसके अंदर का स्त्रीत्व उसके जीवन को प्रेम, उम्मीद और हिम्मत से भर देता है। ये कविता समर्पण की है, प्रेम की है।
Feb 28, 20241 min read


लकड़ी की नाव
एक लंबी हार के बाद की कामयाबी खुशी तो देती है पर अकेला कर जाती है। अकेले लड़ना और चलना आसान नहीं है, पर जब मंजिल ही सबसे अलग हो तो रास्ते होंगे ही। चाहे कितने भी कठिन परिस्थितियाँं हों, ये कविता हिम्मत करने की, और करते रहने की है उनके लिए जो लड़कियाँं अपनी शर्तों पे जीना चाहती हों।
Jan 28, 20241 min read


मेरा आसमान
उड़ने की कोशिश में चिड़िया कितनी बार गिरती होगी! स्त्री-मन की ख्वाहिशें भी ऐसी ही हैं, आंधियों के बाद भी वह उड़ना चाहती है। उसका आसमान उसकी उम्मीदों जितना ही बड़ा होता है, अनंत! ये कविता उम्मीद की है, हिम्मत की है। सपने देखने की क्या हद होनी चाहिए?
Dec 28, 20231 min read


मुझ जैसी लड़कियाँं
अनकही जिम्मेदारियों का एक पहाड़ है, जो हर एक लड़की के सर पर चढ़ा दिया गया है। और वो उसे नियति मानकर उठाए हुए चलती है। इस बोझ में कुछ रचनात्मक कर पाना उस लड़की को पता ही नहीं है। उसे बस बुनना आता है, परिवार और समाज। वो भी अपने लिए नहीं।
Nov 28, 20231 min read


मन
स्त्री सुंदर है, पर उससे भी ज्यादा सुंदर है उसका मन। उन्हें हासिल करने की हवस रखने वाली दुनियां ये बात नहीं जानती। अगर स्त्री मन से उनकी नही
Oct 29, 20231 min read


अटूट
जैसे कुम्हार मिट्टी से घड़ा बनाता है, वैसे है हमारी परिस्थितियाँं हमें गढ़ती हैं। सबसे कठिन हालात हमारे लिए धूप जैसे होते हैं, जो हमें रोशनी देते हैं। हर बार परिस्थितियाँं आपको हरा नहीं सकतीं, उनसे लड़कर उनके पार जाने का तरीका आपको ढूंढ लेना होगा। क्यूंकि आप हर बार टूट के बिखर नहीं सकते, आपको अटूट बनना होगा।
Sep 28, 20231 min read
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