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स्त्री


प्यास
हम सबके भीतर प्यास है, संवेदना की। दूसरों की भावना से जुड़ पाना, महसूस कर पाना हम सब को भरोसे से जोड़े रखता है। तोड़ देना आसान है, पर जोड़ के मरहम लगा पाना हर किसी को नहीं आता। ये कविता सहानुभूति, संवेदना और शांति की है, भाव और त्याग से जो हमें इंसानियत से जोड़े रखती है।
Mar 28, 20241 min read


घर
स्त्री जीवन के स्वरूपों में सबसे खूबसूरत पहलू है जब वो मन से किसी से बंध जाए। ये बंधन, स्वयं वो भी नहीं तोड़ सकती। प्रेम में सिर्फ समर्पण है, एक अटूट विश्वास की ओर। उसके अंदर का स्त्रीत्व उसके जीवन को प्रेम, उम्मीद और हिम्मत से भर देता है। ये कविता समर्पण की है, प्रेम की है।
Feb 28, 20241 min read


लकड़ी की नाव
एक लंबी हार के बाद की कामयाबी खुशी तो देती है पर अकेला कर जाती है। अकेले लड़ना और चलना आसान नहीं है, पर जब मंजिल ही सबसे अलग हो तो रास्ते होंगे ही। चाहे कितने भी कठिन परिस्थितियाँं हों, ये कविता हिम्मत करने की, और करते रहने की है उनके लिए जो लड़कियाँं अपनी शर्तों पे जीना चाहती हों।
Jan 28, 20241 min read


मेरा आसमान
उड़ने की कोशिश में चिड़िया कितनी बार गिरती होगी! स्त्री-मन की ख्वाहिशें भी ऐसी ही हैं, आंधियों के बाद भी वह उड़ना चाहती है। उसका आसमान उसकी उम्मीदों जितना ही बड़ा होता है, अनंत! ये कविता उम्मीद की है, हिम्मत की है। सपने देखने की क्या हद होनी चाहिए?
Dec 28, 20231 min read
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